Saturday, January 27, 2018

मधुकोष सोसायटी में ६९ वा गणतंत्र दिन

 धुकोष सोसायटी में ६९ वा गणतंत्र दिन अत्याधिक उमंग से मनायाँ गया सोसायटी के अध्यक्ष (श्रीमान श्रीनिवास डोम्बे, श्रीमान वैभव काजळे और  श्रीमान अजित नाईक) ने ध्वजावरोहण कियाँ और अत्यंत जोश से भरे हुएँ राष्ट्रगीत के साथ समारोह का आरंभ हुआँ मधुकोषवासी सौ. गायकवाडजी  नें 'हैं प्रीत जहाँ की रित यहाँ' इस गीत को वैयक्तिक सादर कर देश कें प्रती गुणप्रटन कार्यक्रम की नींव रखी अनंतर पांच से आठ वर्ष आयु वालें बालगोकूलम् के बच्चियों नें 'चंदन हैं इस देश की माटी' प्रस्तुत कर शोभा बढा दी तत्पश्चात बाद सौ. गोखले आजी  और अन्य महिलाओं ने संस्कृत में सांघिक गीत गाकर समारोह में चार चांद लगा दिये बच्चों नें अमृतवचन तथा सुभाषित उद्धृत कियें

पुणे महानगर में स्थित एक सामाजिक कार्यकर्ता श्री. संजय अनंत कुलकर्णीजी नें भारतमाता की प्रतिमा कों पुष्पहार अर्पण कर उद्बोधन आरंभ कियाँ उन्होनें कहाँ

"देशभक्ती केवल समारोह या आपत्कालीन प्रकटीकरण का नहीं अपितू छोटी-छोटी बातों में भी नित्य अभ्यास का विषय हैं

इसके पुष्ट्यर्थ उन्होंने एयर इंडीया में करीब एक दशक की नौकरी के दरम्यान समूचे विश्व में अनेकों देशों में वहाँ के नागरिकों के इस विषय में जो अनुभव प्राप्त हुए उसकी रोचक घटनाएँ बतायी भाषण इतना प्रभावशाली था कें उस दरम्यान एक भद्र महिला स्टेज पर आयी और उन्होनें भी अपने एकाद अनुभव बतायें

भारतमाता पूजन से कार्यक्रम संपन्न हुआँ इसमें विशेष बात यहँ थी की बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वृद्धों, सभी नें एक कतार में आकर माँ भारती को पुष्प अर्पण कीयें मधुकोष की दो बालक वहां पेढे बाँटनें के लिए खडे थें कार्यक्रम के आयोजन में सोसायटी के पदाधिकारी गणोने स्वयं उत्साह से भरपूर हिस्सा लिया



➨ कुल संख्या - १०८,  पुरूष - ४५,  महिलाएँ - ४१,  बाल - २२.



➵ कार्यक्रम सादर किया गया संस्कृत गीत You Tube पर - मधुकोष प्रजासत्ताक दिन २०१८

➳ कार्यक्रम के कुछ क्षणचित्र - मधुकोष सोसायटी में ६९ वा गणतंत्र दिन

- शब्दांकन 


श्री शैलेश खांडेकर, जे १००१